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सात वर्षीय बच्ची से मामा ने ही किया था दुष्कर्म, गिरफ्तार Ladki ke mama ne kiya dushkarm


लोनी । छोटी निर्भया के साथ रिश्ते के मामा ने ही दरिंदगी की थी। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। आरोपी ने अपना अपराध स्वीकार करते हुए बताया कि शराब के नशे में वह बच्ची को टॉफी दिलाने के बहाने जंगल में ले गया था। वहां उसके साथ दुष्कर्म करने के बाद बेहोश होने पर अपने भाई के पास पूना (महाराष्ट्र) भाग गया। आरोपी बागपत जनपद के पावला गांव का रहने वाला है और मजदूरी करता है। बच्ची के पिता ने आरोपी पर रासुका लगाने एवं उसे फांसी की सजा देने की मांग की है। जानकारी के अनुसार, पटियाला पंजाब की रहने वाली सात वर्षीय बच्ची अपने माता-पिता एवं भाई-बहन के साथ 26 अप्रैल को लोनी बॉर्डर थाना क्षेत्र की एक कॉलोनी में रिश्तेदार के घर शादी समारोह में आई थी। 27 अप्रैल की शाम सात बजे शादी से पहले दिन भात लेने का कार्यक्रम चल रहा था। डीजे पर डांस करते समय बच्ची गायब हो गई थी। दो घंटे तक तलाश करने पर भी बच्ची का सुराग नहीं लगा तो परिजनों ने सौ नम्बर पर कॉल कर बच्ची को ढूंढने में पुलिस से मदद मांगी। पुलिस मौके पर पहुंची और परिजनों के साथ कुछ देर तक बच्ची को आसपास ढूंढने के बाद वापस लौट गई। 28 अप्रैल की सुबह बच्ची घर से मात्र पांच सौ मीटर की दूरी पर जंगल में लहूलुहान अवस्था में बेहोश मिली। उसके साथ दरिंदगी की गई थी। तभी से बच्ची जीटीबी अस्पताल के आईसीयू में वेंटिलेटर पर है। उसके दो ऑपरेशन हो चुके हैं, लेकिन इसके बाद भी वह जिंदगी और मौत से जूझ रही है। पुलिस ने इस घटना का खुलासा करते हुए आरोपी को बुधवार रात लोनी के बंथला तिराहे से गिरफ्तार कर लिया है। एसपी देहात ओमप्रकाश ने बताया कि आरोपी अनिल कश्यप उर्फ लिल्ली (24) पुत्र संतकुमार बागपत जनपद के पावला गांव का रहने वाला है और पास के खट्टा गांव में कोल्हू पर ईंधन झोंकने का काम करता है। वह भी शादी में आया था। दूल्हे की मां उसकी बुआ लगती है। गुरुवार रात डीजे पर डांस करते समय वह बच्ची को टॉफी दिलाने के बहाने बहला फुसलाकर पास के जंगल में ले गया और उसके साथ दरिंदगी की। चीखने पर उसने बच्ची के साथ मारपीट भी की थी। बच्ची के बेहोश होने पर वह रात में ही बेहटा हाल्ट से ट्रेन में बैठकर दिल्ली पहुंचा और वहां से अपने भाई के पास पूणे (महाराष्ट्र) पहुंच गया। एसपी देहात ओमप्रकाश ने बताया कि भात के कार्यक्रम में रिश्तेदार ही थे। जिस स्थान पर बच्ची के साथ दरिंदगी की गई थी वहां से आरोपी का अंगोछा बरामद हुआ था। कार्यक्रम के दौरान एक फोटोग्राफर वीडियो बना रहा था। वीडियो देखने के बाद आरोपी कंधे पर अंगोछा डाले हुए और बच्ची को ले जाते दिखा था। जबकि रात में ही बिना बताए वह गायब हो गया था। वीडियो क्लिप देखने के बाद सभी रिश्तेदारों से पूछताछ की गई तो उसके नाम का खुलासा हुआ। पावला गांव से पता चला कि वह पूणे में है। कई पुलिस टीम उसकी गिरफ्तारी के प्रयास में जुटी थी। एक टीम को पूणे भी भेजा गया था, लेकिन वह वहां से वापस लौट आया। पुलिस ने सुरागकसी करते हुए उसे बुधवार रात लोनी के बंथला तिराहे से गिरफ्तार कर लिया। आरोपी अनिल कश्यप ने बताया कि गुरुवार शाम वह शराब के नशे में धुत्त था। वह सात बजे उसे टॉफी दिलाने के बहाने बच्ची को घर से कुछ दूर ले गया और वहां से उसे जंगल में ले गया। वहां उसके साथ दुष्कर्म किया तो बच्ची चिल्लाने लगी। इस पर उसने बच्ची को जमकर पीटा और मुंह दबा दिया। कुछ देर बाद ही बच्ची बेहोश हो गई। वह वहां से बेहटा हाल्ट पहुंचा और दिल्ली जाने वाली ट्रेन में बैठकर नई दिल्ली स्टेशन पहुंच गया। वहां से उसने पूणे जाने वाली ट्रेन पकड़ ली। फांसी की सजा मांगीअस्पताल में लाडली बेटी का उपचार करा रहे पीड़ित पिता का कहना है कि आरोपी पर रासुका लगाई जाए और उसे फांसी की सजा मिलनी चाहिए। एसपी देहात का कहना है कि आरोपी को कठोरतम सजा दिलाने के लिए सभी पुख्ता सबूत जुटाए गए हैं। उसके विरुद्ध 376(1),323 तथा 3/4 पाक्सो एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज है। बच्ची के पिता का कहना है कि आर्थिक रूप से वह बेहद कमजोर हैं। अस्पताल में कई लोग उन्हें सांत्वना देने पहुंचे, लेकिन किसी ने आर्थिक मदद नहीं दी है। एसपी देहात का कहना है कि प्रशासन से बच्ची के उपचार के लिए हर संभव आर्थिक सहायता दिलाई जाएगी। सीओ श्रीकांत प्रजापति का कहना है कि बच्ची की एमएलसी रिपोर्ट अस्पताल से प्राप्त कर ली गई है। उसे समाज कल्याण विभाग के माध्यम से शासन को भेजा जाएगा और रानी लक्ष्मीबाई सहायता कोष से बच्ची के परिजनों को अधिक से अधिक आर्थिक मदद दिलाई जाएगी। बच्ची के पिता का कहना है कि करीब दो घंटे तक तलाश करने के बाद जब बच्ची का सुराग नहीं लगा तो पुलिस को सूचना देकर बच्ची को ढूंढने में मदद की गुहार लगाई गई थी। पुलिस कुछ देर तक परिजनों के साथ बच्ची को ढूंढने के बाद यह कहकर वापस लौट गई कि सुबह तक बच्ची नहीं मिली तो गुमशुदगी दर्ज कर लेंगे। पीड़ित पिता का आरोप है कि अगर पुलिस बच्ची को ढूंढने में ठीक से मदद करती तो रात में ही बच्ची मिल जाती और आरोपी भी पकड़ा जा सकता था। एसपी देहात ओमप्रकाश का कहना है कि परिजनों का दायित्व भी था कि वह बच्ची को जंगल में तलाश करने जाते। पुलिस की लापरवाही की जांच कराई जाएगी।

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